प्लांट डॉक्टर किसानों के लिए एआई आधारित स्मार्ट समाधान

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों की आय वृद्धि, कृषि में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि में एआई, ड्रोन, सेंसर आधारित तकनीक और डिजिटल समाधानों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसी क्रम में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के एम.टेक. छात्र  आर्यन चंद्रा द्वारा विकसित “प्लांट डॉक्टर” नामक एआई आधारित स्मार्ट डिवाइस किसानों के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान के रूप में सामने आया है।

किसानों को फसल रोगों की त्वरित पहचान एवं उपचार संबंधी सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से  चंद्रा ने लगभग 10 माह के शोध एवं परिश्रम के बाद “प्लांट डॉक्टर” नामक पोर्टेबल स्टैंड अलोन एआई डिवाइस विकसित की है। यह नवाचार किसानों को खेत स्तर पर ही रोगों की पहचान, उपचार के सुझाव तथा वैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने में सहायक है।

ये भी पढ़ें :  फिल्म "द साबरमती रिपोर्ट" टैक्स फ्री : आदेश जारी

56 प्रकार के फसल रोगों की पहचान में सक्षम

यह डिवाइस 10 प्रमुख फसलों में होने वाली 56 प्रकार की बीमारियों की पहचान करने में सक्षम है। इसकी विशेषता यह है कि इसे संचालित करने के लिए किसी विशेष तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है। डिवाइस का उपयोग बेहद सरल है। किसान पहले संबंधित फसल का चयन करता है, इसके बाद प्रभावित पत्तियों अथवा पौधे का चित्र डिवाइस में लगे कैमरे से लिया जाता है। कुछ ही सेकंड में डिवाइस एआई आधारित विश्लेषण कर रोग की पहचान के साथ उपचार एवं दवा संबंधी सुझाव उपलब्ध करा देती है।

ये भी पढ़ें :  जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में मारे गए MP के इंजीनियर की मौत पर सीएम मोहन ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान

ऑफलाइन उपयोग और कम लागत की विशेषता

ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और नेटवर्क की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए “प्लांट डॉक्टर” को पूरी तरह ऑफलाइन मोड पर विकसित किया गया है, जिससे खेतों में बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी के भी इसका प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। लगभग 8 हजार 500 रुपये की अनुमानित लागत वाला यह डिवाइस कम खर्च में फसल रोगों की त्वरित पहचान एवं उपचार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराती है। कम लागत और आसान उपयोग के कारण इसका उपयोग सामुदायिक स्तर, कृषक उत्पादक संगठनों और कृषि विस्तार गतिविधियों में भी किया जा सकता है।

99 प्रतिशत तक सटीक परिणाम

“प्लांट डॉक्टर” विभिन्न फसलों में 88 से 99 प्रतिशत तक सटीक परिणाम उपलब्ध कराता है। उच्च स्तर की सटीकता के कारण यह डिवाइस किसानों को फसल रोगों की त्वरित एवं विश्वसनीय पहचान में सहायता प्रदान कर सकता है, जिससे उपचार के लिये निर्णय अधिक प्रभावी ढंग से लिए जा सकेंगे।

ये भी पढ़ें :  भारत में हजारों वर्षों से विद्यमान विरासत विविधता को संजोने की आवश्यकता : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

स्मार्ट खेती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

“प्लांट डॉक्टर” कृषि क्षेत्र में नवाचार और एआई के उपयोग का प्रभावी उदाहरण है। यह तकनीक किसानों को खेत स्तर पर ही रोगों की पहचान और उपचार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक होगी। ऐसे नवाचार कृषि को आधुनिक बनाने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के प्रयासों को नई गति प्रदान कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में एआई आधारित तकनीकों का विस्तार भविष्य की स्मार्ट खेती की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

Share

Leave a Comment